आम बजट 2015-16 in Hindi........

Share:

* प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना शुरू करने जा रहे हैं।
* हर साल 12 रुपए प्रीमियम लेकर 2 लाख का एक्सिडेंट बीमा उपलब्ध कराया जाएगा।
* अटल पेंशन योजना शुरू की जाएगी।
* ग्रामीण विकास फंड के लिए 25 हजार करोड़।
* मुझे उम्मीद है कि अमीर लोग गैस सब्सिडी छोड़ेंगे।
* भारत को मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाया जाएगा।
* मनरेगा योजना जारी रहेगी। इसे खत्म नहीं किया जाएगा।
* जरूरतमंद लोगों को खाते में सीधे सब्सिडी पहुंच रही है।
* मनरेगा के लिए 34 हजार 699 करोड़।
* किसानों के ऋण के लिए 8 लाख करोड़।
* जनधन योजना से पोस्ट ऑफिसों को जोड़ने की योजना।
* बजट भाषण के दौरान शेयर बाज़ार झूमे।
* सेसेंक्स 200 अंक से अधिक की बढ़त लेकर कारोबार कर रहा है। निफ्टी 50 अंक ऊपर।
* अगले साल सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करेंगे।
* मेरे सामने पांच मुख्‍य चुनौतिया हैं।
* कृषि से आय अभी भी कम, इन्फ्रास्ट्रक्चर में निजी निवेश की जरूरत, मैन्युफैक्चरिंग में पिछड़ रहे हैं, सरकारी घाटे को काबू में रखना है।
* अगले तीन साल में तीन फीसदी ले जाएंगे सरकारी घाटा।
* 4.1 फीसदी राजकोषीय घाटा लक्ष्य के मुताबिक रहेगा।
* राजस्व का 62 फीसदी हिस्सा राज्यों के पास
* सब्सिडी जरूरतमंदों तक पहुंचाने पर जोर रहेगा।
* सब्सिडी पहुंचाने के लिए JAM का इस्तेमाल। जनधन, आधार मोबाइल।
* 2022 तक सभी के लिए अपने घर का लक्ष्य।
* 20 हजार गांवों तक बिजली पहुंचाएंगे।
* कृषि में हमें उत्पादकता बढ़ानी है।
* हर गांव में अस्पताल की सुविधा देने का लक्ष्य।
* 2022 तक गरीबी खत्म करने का लक्ष्य।
* हर गांव तक सड़क पहुंचाने का लक्ष्य।
* पूर्वोत्तर के राज्यों पर ज्यादा ध्यान देंगे ताकि वे भी भारत के अन्य राज्यों की तरह कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ सकेंगे।
* पूर्वोत्तर राज्यों को देश की मुख्‍य धारा लाने जैसे कदम उठाए।
* नवंबर 2012 में महंगाई दर 9 फीसदी से ज्यादा थी। अब महंगाई दर 5.1 फीसदी।
* डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत हुई।
* देश ने तेज विकास वाली सरकार बनाई है।
* स्वच्छ भारत अभियान को हमने आंदोलन में तब्दील कर दिया।
* 2014-15 में 50 लाख शौचालय बने। हमारा लक्ष्य 6 करोड़ शौचालय बनाने का है।
* लोगों की जिंदगी बेहतर करने का लक्ष्य।
* एनडीए सरकार बनने के 9 माह बाद कई योजनाएं बनाईं।
* पहले निराशा का माहौल था, अब अर्थव्यवस्था सुधार की ओर।
* चालू खाते का घाटा ज्यादा था, लेकिन हमारे कार्यकाल में महंगाई कम हुई।

No comments